अस्मत सुनो द्रौपदी, हाथ हटाओ जो कानोंपर रखे है, दुनिया भर में गूंज रही है, वो मेरी ही चीखें है.... कैसे देख पाती हो तुम चीथड़े मेरे अस्मत के क्…

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